अगर आप अपनी ज़िन्दगी से प्यार करते हैं तो वक़्त मत बर्बाद करें, क्योंकि वो वक़्त ही है जिससे ज़िन्दगी बनी होती है - agar aap apni zindgi se pyaar karte hain to waqt barbaad mat karein kyonki wo waqt hi hai jisse zindgi bani hoti hai. : ब्रूस ली
अंतरंग बदलते ही बहिरंग के उलटने में देर नहीं लगती है - antarang badalte hi bahirang ke ulatne me der nahi lagti : प्रज्ञा सुभाषित
व्यक्तित्व की अपनी वाणी है, जो जीभ या कलम का इस्तेमाल किये बिना भी लोगों के अंतराल को छूती है - vyaktitva ki apni vaani hai jo jeebh ya kalam ka istemaal kiye bina bhi logo ke antaraal ko chhooti hai : प्रज्ञा सुभाषित
शालीनता बिना मूल्य मिलती है, पर उससे सब कुछ खरीदा जा सकता है - shaleenta bina moolya ilti hai par usse sab kuchh khareeda ja sakta hai : प्रज्ञा सुभाषित
अवांछनीय कमाई से बनाई हुई खुशहाली की अपेक्षा ईमानदारी के आधार पर गरीबों जैसा जीवन बनाये रहना कहीं अच्छा है - avanchhneey kamai se banai hui khushhaali ki apeksha imaandaari ke adhaar par gaeebo jaisa jeevan banaye rakhein, wahi achcha hai. : प्रज्ञा सुभाषित
बड़प्पन बड़े आदमियों के संपर्क से नहीं, अपने गुण, कर्म और स्वभाव की निर्मलता से मिला करता है - badappan bade aadmiyo ke sampark se nahi, apne gun karma aur swabhav ki nirmalta se mila karta hai. : प्रज्ञा सुभाषित
किसी समाज, देश या व्यक्ति का गौरव अन्याय के विरुद्ध लड़ने में ही परखा जा सकता है - kisi samaj, dewsh ya vyakti ka gaurav anyaay ke viruddha ladne me hi parkhaa ja sakta hai : प्रज्ञा सुभाषित
दूसरों की सबसे बड़ी सहायता यही की जा सकती है कि उनके सोचने में जो त्रुटि है, उसे सुधार दिया जाए - doosro ki sabse badi sahayta yahi hai ki unke sochne men jio truti hai use sudhaar diya jaaye : प्रज्ञा सुभाषित
प्रतिभावान् व्यक्तित्व अर्जित कर लेना, धनाध्यक्ष बनने की तुलना में कहीं अधिक श्रेष्ठ और श्रेयस्कर है - pratibhavan vyaktitva arjit kar lena, dhanadhyaksh banne ki tulna men kahin adhik shreshtha hai : प्रज्ञा सुभाषित
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है - krodh wah hawaa hai jo buddhi ke deep ko bujha deti hai : अज्ञात
प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण का परिणाम धैर्यपूर्वक सहना चाहिए. - prayek vyakti ko apne aacharan ka parinaam dhairyapoorvak sehna chahiye : अज्ञात
चरित्र को हम अपनी बात मनवाने का सबसे प्रभावी माध्यम कह सकते हैं - charitra ko hum apni baat manvaane ka sabse prabhavi madhyam kah sakte hain. : अरस्तु
क्रोध मूर्खों की छाती में ही बसता है - krodh moorkhon ki chhati me hi basta hai. : अल्बर्ट आइन्स्टाइन
एक साफ अंतःकरण दुनिया का सबसे नर्म तकिया है - ek saaf antah-karan duniya ka sabse naram takiya hai. : नागवार रामाराव नारायण मूर्ति
कुछ लोग जहाँ जाते हैं वहां खुशियाँ लाते हैं, और कुछ लोग जब जाते हैं तब. - kuchh log jahan jaate hain wahan khushiyan laate hain aur kuchh log jab jate hain tab. : ऑस्कर वाइल्ड
जिनके भीतर-बाहर एक ही बात है, वही निष्कपट व्यक्ति धन्य है - Jin ke bheetar bahar ek hi baat hai, ve nishkapat vyakti dhany hain. : प्रज्ञा सुभाषित
अज्ञानी वे हैं, जो कुमार्ग पर चलकर सुख की आशा करते हैं - agyani ve hain jo kumarg par chalakar sukh ki aasha karte hain. : प्रज्ञा सुभाषित
बुराई मनुष्य के बुरे कर्मों की नहीं, वरन् बुरे विचारों की देन होती है - buraai manushya ke buro karmo ki nahi, varan bure vicharo ki den hoti hai. : प्रज्ञा सुभाषित
जो बच्चों को सिखाते हैं, उन पर बड़े खुद अमल करें, तो यह संसार स्वर्ग बन जाय - jo bachcho ko sikhate hain, un par khud amal karein to yah sansar swarg ban jaye. : प्रज्ञा सुभाषित
महात्मा वह है, जिसके सामान्य शरीर में असामान्य आत्मा निवास करती है - mahatma vah hai jiske samanya shareer e asamanya aatma nivaas karti hai. : प्रज्ञा सुभाषित
समाज का मार्गदर्शन करना एक गुरुतर दायित्व है, जिसका निर्वाह हर कोई नहीं कर सकता - samaj ka -margdarshan karna ek guruttar daayitva hai, jiska nirvaah har koi nahi kar sakta . : प्रज्ञा सुभाषित
जो टूटे को बनाना, रूठे को मनाना जानता है, वही बुद्धिमान है - jo toote ko banan aur roothe ko manana jaanta hai vahi buddhiman hai. : प्रज्ञा सुभाषित