जिस श्रम से हमें आनन्‍द प्राप्‍त होता है, वह हमारी व्‍याधियों के लिए अमृत, तुल्‍य है, हमारी वेदना की निवृत्ति है | - jis shram se humein aanand praapt hota hai, wah hamari vyaadhiyon ke liye amrit tulya hai, hamari vedna ki nivritti hai. : विलियम शेक्सपियर

जिस श्रम से हमें आनन्‍द प्राप्‍त होता है, वह हमारी व्‍याधियों के लिए अमृत, तुल्‍य है, हमारी वेदना की निवृत्ति है | : Jis shram se humein aanand praapt hota hai, wah hamari vyaadhiyon ke liye amrit tulya hai, hamari vedna ki nivritti hai. - विलियम शेक्सपियर