मैं अपनी ज़िन्दगी जितना संभव हो उतने स्वाभाविक और सामान्य तरीके से व्यतीत कर सकता हूँ। लेकिन अगर दिन रात विवाद मेरे पीछे पड़े रहें तो मैं इसका कुछ नहीं कर सकता। मुझे कभी-कभी आश्चर्य होता है कि वे किस तरह ये सब करते हैं। मैं दाढ़ी बढ़ता हूँ और वह टाइम्स ऑफ़ इंडिया के सम्पादकीय में आ जाता है - main apni zindagi jitana sambhav ho utane svabhavik aur samany tarike se vyatit kar sakta hoon. lekin agar din raat vivad mere pichhe pade rahen to main isaka kuchh nahin kar sakta. mujhe kabhi-kabhi ashchary hota hai ki ve kis tarah ye sab karte hain. main dadhi badhata hoon aur vah times of india mein aa jaata hai : अमिताभ बच्चन

मैं अपनी ज़िन्दगी जितना संभव हो उतने स्वाभाविक और सामान्य तरीके से व्यतीत कर सकता हूँ।  लेकिन अगर दिन रात विवाद मेरे पीछे पड़े रहें तो मैं इसका कुछ नहीं कर सकता। मुझे कभी-कभी आश्चर्य होता है कि वे किस तरह ये सब करते हैं।  मैं दाढ़ी बढ़ता हूँ और वह टाइम्स ऑफ़ इंडिया के सम्पादकीय में आ जाता है। : Main apni zindagi jitana sambhav ho utane svabhavik aur samany tarike se vyatit kar sakta hoon. lekin agar din raat vivad mere pichhe pade rahen to main isaka kuchh nahin kar sakta. mujhe kabhi-kabhi ashchary hota hai ki ve kis tarah ye sab karte hain. main dadhi badhata hoon aur vah times of india mein aa jaata hai - अमिताभ बच्चन

सत्य के मार्ग पर चलने हेतु बुरे का त्याग अवश्यक है, चरित्र का सुधार आवश्यक है - saty ke maarg par chalane ke lie bure ka tyaag avagat hai, charitr ka sudhaar aavashyak hai. : सरदार वल्लभ भाई पटेल

सत्य के मार्ग पर चलने हेतु बुरे का त्याग अवश्यक है, चरित्र का सुधार आवश्यक है। : Saty ke maarg par chalane ke lie bure ka tyaag avagat hai, charitr ka sudhaar aavashyak hai. - सरदार वल्लभ भाई पटेल

चिंता एक ऐसी हथौड़ी है जो मष्तिष्क के सूक्ष्म व सुकोमल सूत्रों को विघटित कर उसकी कार्य करने की शक्ति को नष्ट कर देती है - chinta ek aisi hathaudi hai jo mastishk ke sukshm va sukomal sutron ko bighatit kar usaki kaary karne ki shakti ko nasht kar deti hai. : ओरिसन स्‍वेट मार्डन

चिंता एक ऐसी हथौड़ी है जो मष्तिष्क के सूक्ष्म व सुकोमल सूत्रों को विघटित कर उसकी कार्य करने की शक्ति को नष्ट कर देती है। : Chinta ek aisi hathaudi hai jo mastishk ke sukshm va sukomal sutron ko bighatit kar usaki kaary karne ki shakti ko nasht kar deti hai. - ओरिसन स्‍वेट मार्डन

मैं यह नहीं कहूँगा कि मैं 1000 बार असफल हुआ, मैं यह कहूँगा कि ऐसे 1000 रास्ते हैं जो आपको सफलता से दूर ले जाते हैं - main yah nahi kahunga ki 1000 baar asafal hua, main yah kahunga ki aise 1000 raaste hain jo aapko safalta se door le jaate hain. : थॉमस अल्वा एडिसन

मैं यह नहीं कहूँगा कि मैं 1000 बार असफल हुआ, मैं यह कहूँगा कि ऐसे 1000 रास्ते हैं जो आपको सफलता से दूर ले जाते हैं। : Main yah nahi kahunga ki 1000 baar asafal hua, main yah kahunga ki aise 1000 raaste hain jo aapko safalta se door le jaate hain. - थॉमस अल्वा एडिसन

इंसान मायूस और परेशान इसलिए होता है, क्योंकि वो अपने रब को राज़ी करने के बजाये लोगों को राज़ी करने में लगा रहता है - insaan mayoos aur pareshaan islyie hota hai, kyonki wo apne rab ko raazi karne ke bajaye logon ko raazi karne mein laga rahta hai. : हजरत अली

इंसान मायूस और परेशान इसलिए होता है, क्योंकि वो अपने रब को राज़ी करने के बजाये लोगों को राज़ी करने में लगा रहता है। : Insaan mayoos aur pareshaan islyie hota hai, kyonki wo apne rab ko raazi karne ke bajaye logon ko raazi karne mein laga rahta hai. - हजरत अली

अपने जिस्म को ज़रूरत से ज़्यादा न सवारों,क्योंकि इसे तो मिट्टी में मिल जाना है, सवॉरना है तो अपनी रूह को सवॉरों क्योंकि इसे तुम्हारे रब के पास जाना है - apne jism ko zarurat se zyada na savaron, kyonki ise to mitti mein mil jaana hai, savarna hai to apni rooh ko savaron kyonki ise tumhare rab ke paas jaana hai. : हजरत अली

अपने जिस्म को ज़रूरत से ज़्यादा न सवारों,क्योंकि इसे तो मिट्टी में मिल जाना है, सवॉरना है तो अपनी रूह को सवॉरों क्योंकि इसे तुम्हारे रब के पास जाना है। : Apne jism ko zarurat se zyada na savaron, kyonki ise to mitti mein mil jaana hai, savarna hai to apni rooh ko savaron kyonki ise tumhare rab ke paas jaana hai. - हजरत अली

जो लोग सिर्फ तुम्हे काम के वक़्त याद करते हे उन लोगो के काम ज़रूर आओ क्यों के वो अंधेरो में रौशनी ढूँढ़ते हे और वो रौशनी तुम हो - jo log sirf tumhe kaam ke waqt yaad karte hai un logo ke kaam zaroor aao kyon ke wo andheron mein roshani dhundte hai aur wo roshani tum ho : हजरत अली

जो लोग सिर्फ तुम्हे काम के वक़्त याद करते हे उन लोगो के काम ज़रूर आओ क्यों के वो अंधेरो में रौशनी ढूँढ़ते हे और वो रौशनी तुम हो : Jo log sirf tumhe kaam ke waqt yaad karte hai un logo ke kaam zaroor aao kyon ke wo andheron mein roshani dhundte hai aur wo roshani  tum ho - हजरत अली