“जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें| - jab aap apna dukh baantate hain, wo kam nahi hota, jab aap apni khushiyan baantne se rah jaate hain to wo kam ho jaati hain. : श्री श्री रविशंकर

“जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें| : Jab aap apna dukh baantate hain, wo kam nahi hota, jab aap apni khushiyan baantne se rah jaate hain to wo kam ho jaati hain. - श्री श्री रविशंकर

“मैं आपको बताता हूँ, आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है, प्रसन्नता का झरना है. आपके मूल के भीतर सत्य,प्रकाश, प्रेम है, वहां कोई अपराध बोध नहीं है, वहां कोई डर नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा|” - main aapko btata hu, aapke bheetar ek paramanand ka fuvvara hai, prasannata ka jharna hai. aapke mool ke bheetar satya, prakash , prem hai. : श्री श्री रविशंकर

“मैं आपको बताता हूँ, आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है, प्रसन्नता का झरना है. आपके मूल के भीतर सत्य,प्रकाश, प्रेम है, वहां कोई अपराध बोध नहीं है, वहां कोई डर नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा|” : Main aapko btata hu, aapke bheetar ek paramanand ka fuvvara hai, prasannata ka jharna hai. aapke mool ke bheetar satya, prakash , prem hai. - श्री श्री रविशंकर

जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए। जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है। गेंद को पकड़े मत रहो - jeevan esa kuchh nahi hai jiske prati bahut gambheer raha jaaye. jeevna tumhare haathon mein khelne ke liye ek gend hai. gend ko pakde mat raho. : श्री श्री रविशंकर

जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए। जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है। गेंद को पकड़े मत रहो। : Jeevan esa kuchh nahi hai jiske prati bahut gambheer raha jaaye. jeevna tumhare haathon mein khelne ke liye ek gend hai. gend ko pakde mat raho. - श्री श्री रविशंकर

“दूसरों को सुनो ; फिर भी मत सुनो . अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा, ना सिर्फ वो दुखी होंगे , बल्कि तुम भी दुखी हो जओगे|” - doosro ki suno, fir bhi mat suno, agar tumhara dimaag unki samasyaon me ulajh jaayega. na sirf wo dukhi honge balkitum bhi dukhi ho jaaoge. : श्री श्री रविशंकर

“दूसरों को सुनो ; फिर भी मत सुनो . अगर तुम्हारा दिमाग उनकी समस्याओं में उलझ जाएगा, ना सिर्फ वो दुखी होंगे , बल्कि तुम भी दुखी हो जओगे|” : Doosro ki suno, fir bhi mat suno, agar tumhara dimaag unki samasyaon me ulajh jaayega. na sirf wo dukhi honge balkitum bhi dukhi ho jaaoge. - श्री श्री रविशंकर