अगर हम हमारे विचार प्रक्रिया के केंद्र में लाखों भारतीयों को रखते हैं, अगर हम उनके आत्म बोध के खातिर उनके कल्याण, उनके भविष्य के बारे में सोचते हैं, हम सही रास्ते पर हैं। भारत तभी बढेगा, विकास करेगा जब ये समृद्ध, विकसित होंगे। हम किसी भी गूढ़ रणनीतियों से विकसित नहीं हो सकते। हमारी क्रय शक्ति, हमारी आर्थिक ताकत, हमारे बाजार सभी इन लोगों की समृद्धि पर निर्भर करता है - agar hum hamare vichar prakriya ke kendra me laakho bharteeyon ko rakhte hain,, agar hum unke aatm bodh ki khatir unke bhavishya aur kalyaan ke baare me sochte hain, to hum bilkul sahi raaste par hain. : मुकेश अंबानी

अगर हम हमारे विचार प्रक्रिया के केंद्र में लाखों भारतीयों को रखते हैं, अगर हम उनके आत्म बोध के खातिर उनके कल्याण, उनके भविष्य के बारे में सोचते हैं, हम सही रास्ते पर हैं। भारत तभी बढेगा, विकास करेगा जब ये समृद्ध, विकसित होंगे। हम किसी भी गूढ़ रणनीतियों से विकसित नहीं हो सकते। हमारी क्रय शक्ति, हमारी आर्थिक ताकत, हमारे बाजार सभी इन लोगों की समृद्धि पर निर्भर करता है। : Agar hum hamare vichar prakriya ke kendra me laakho bharteeyon ko rakhte hain,, agar hum unke aatm bodh ki khatir unke bhavishya aur kalyaan ke baare me sochte hain, to hum bilkul sahi raaste par hain. - मुकेश अंबानी

मुझे ये लगता है कि हमारे मौलिक धारणा यह है कि हमारा विकास जीवन का एक तरीका है और हमें हमेशा विकासशील बने रहना चाहिए - mujhe yah lagta hai ki hamaree maulik dhaarna yah haiki hamara vikaas jeevan ka ek tareeka hai aur humein vikassheel bane rahna chahiiye. : मुकेश अंबानी

मुझे ये लगता है कि हमारे मौलिक धारणा यह है कि हमारा विकास जीवन का एक तरीका है और हमें हमेशा विकासशील बने रहना चाहिए। : Mujhe yah lagta hai ki hamaree maulik dhaarna yah haiki hamara vikaas jeevan ka ek tareeka hai aur humein vikassheel bane rahna chahiiye. - मुकेश अंबानी