आपके विचार सही हों ,आपके लक्ष्य ईमानदार हों ,और आपके प्रयास संवेधानिक हों तो मुझे पूर्ण विश्वास है की आपको अपने प्रयत्नों मे सफलता मिलेगी - aapke vichar sahi ho, aapke lakshya imaandar ho aur aapke prayas samvaidhanik ho to mujhe purna vishwas hai ki aapko aapke prayatno me saflta milegi. : बाल गंगाधर तिलक

आपके विचार सही हों ,आपके लक्ष्य ईमानदार हों ,और आपके प्रयास संवेधानिक हों तो मुझे पूर्ण विश्वास है की आपको अपने प्रयत्नों मे सफलता मिलेगी। : Aapke vichar sahi ho, aapke lakshya imaandar ho aur aapke prayas samvaidhanik ho to mujhe purna vishwas hai ki aapko aapke prayatno me saflta milegi. - बाल गंगाधर तिलक

आपके लक्ष्य की पूर्ति स्वर्ग से आये किसी जादू से नहीं हो सकेगी। आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना है। कार्य करने और कठोर श्रम करने के दिन यही हैं - aapke lakshyon ki poorti swarg se aaye kis jaadoo se nahi ho sakegi. aapko hi apna lakshya praapt karna hai . kaarya aur kathor shram karne ke yahidin hain . : बाल गंगाधर तिलक

आपके लक्ष्य की पूर्ति स्वर्ग से आये किसी जादू से नहीं हो सकेगी। आपको ही अपना लक्ष्य प्राप्त करना है। कार्य करने और कठोर श्रम करने के दिन यही हैं। : Aapke lakshyon ki poorti swarg se aaye kis jaadoo se nahi ho sakegi. aapko hi apna lakshya praapt karna hai . kaarya aur kathor shram karne ke yahidin hain . - बाल गंगाधर तिलक

मराठी मे एक कहावत है – घोडा अड़ा क्यों ? पान सडा क्यों ? और रोटी जली क्यों ? इन सबका एक ही उत्तर है -पलटा ना था - marathi me ek kahavat hai -ghoda adaa kyon? paani sadaa kyon? aur roti jali kyon? sabka ek hi uttar hai- paltaa na tha. : बाल गंगाधर तिलक

मराठी मे एक कहावत है – घोडा अड़ा क्यों ? पान सडा क्यों ? और रोटी जली क्यों ? इन सबका एक ही उत्तर है -पलटा ना था। : Marathi me ek kahavat hai -ghoda adaa kyon? paani sadaa kyon? aur roti jali kyon? sabka ek hi uttar hai- paltaa na tha. - बाल गंगाधर तिलक

हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले - ho sakta hai ye bhagwan ki marzi ho ki main jis vajah se pratinidhitva karta hu use mere aazad rahne se jyada mere peeda me rahnese adhiklaabh mile. : बाल गंगाधर तिलक

हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले। : Ho sakta hai ye bhagwan ki marzi ho ki main jis vajah se pratinidhitva karta hu use mere aazad rahne se jyada mere peeda me rahnese adhiklaabh mile. - बाल गंगाधर तिलक

भूविज्ञानी पृथ्वी का इतिहास वहां से उठाते हैं जहाँ से पुरातत्वविद् इसे छोड़ देते हैं, और उसे और भी पुरातनता में ले जाते हैं - bhoo-vigyani prithvi ka itihaas wahan se uthaate hain jahan se puratatva-vid use chhod dete hain aur use bhi puratanta meinle jaate hain. : बाल गंगाधर तिलक

भूविज्ञानी पृथ्वी का इतिहास वहां से उठाते हैं जहाँ से पुरातत्वविद् इसे छोड़ देते हैं, और उसे और भी पुरातनता में ले जाते हैं। : Bhoo-vigyani prithvi ka itihaas wahan se uthaate hain jahan se puratatva-vid use chhod dete hain aur use bhi puratanta meinle jaate hain. - बाल गंगाधर तिलक