अंगूर को जब तक न पेरो वो मीठी मदिरा नही बनती, वैसे ही मनुष्य जब तक कष्ट मे पिसता नही, तब तक उसके अन्दर की सर्वौत्तम प्रतिभा बाहर नही आती - angoorko jab tak pairo tab tak wah meethi madira nahi banti, waise hi manushya jab tak kashta mein nahi pistaa tab tak uske andar ki sarvottam pratibha bahar nahi aati. : छत्रपति शिवाजी

अंगूर को जब तक न पेरो वो मीठी मदिरा नही बनती, वैसे ही मनुष्य जब तक कष्ट मे पिसता नही, तब तक उसके अन्दर की सर्वौत्तम प्रतिभा बाहर नही आती। : Angoorko jab tak pairo tab tak wah meethi madira nahi banti, waise hi manushya jab tak kashta mein nahi pistaa tab tak uske andar ki sarvottam pratibha bahar nahi aati. - छत्रपति शिवाजी

मुझे प्रकाश से प्यार है क्योकि वह मुझे मेरा रास्ता दिखाता है, यही नहीं बल्कि मुझे अंधकार से भी प्यार है क्योकि वह मुझे तारे दिखाता है - mujhe prakash se pyaar hai kyonki wah mujhe mera raasra dikhata hai yahi nahi balkimujhe andhkar se bhi prem hai kyonki wo mujhe taare dikhata hai. : ऑग मैंडीनो

मुझे प्रकाश से प्यार है क्योकि वह मुझे मेरा रास्ता दिखाता है, यही नहीं बल्कि मुझे अंधकार से भी प्यार है क्योकि वह मुझे तारे दिखाता है। : Mujhe prakash se pyaar hai kyonki wah mujhe mera raasra dikhata hai yahi nahi balkimujhe andhkar se bhi prem hai kyonki wo mujhe taare dikhata hai. - ऑग मैंडीनो

जब खराब वक़्त चल रहा होता है तब हमें सबकुछ हमेशा ही ख़राब होते नज़र आता है। लेकिन बाद में हमें उनसे लड़ने के लिए एक आशा की किरण भी दिखाई देती है जो हमें अंधकार से उजाले की तरफ ले जाती है - jab waqt kharab hota hai to hume sab kuchh kharab hote nazar aata hai. lekin baad mein humein unse ladne ke lie aasha ki kiran bhi dikhai deti hai jo humein andhkaarse ujaale ki taraf le jaati hai. : मैल्कॉम एस फ़ोर्ब्स

जब खराब वक़्त चल रहा होता है तब हमें सबकुछ हमेशा ही ख़राब होते नज़र आता है। लेकिन बाद में हमें उनसे लड़ने के लिए एक आशा की किरण भी दिखाई देती है जो हमें अंधकार से उजाले की तरफ ले जाती है। : Jab waqt kharab hota hai to hume sab kuchh kharab hote nazar aata hai. lekin baad mein humein unse ladne ke lie aasha ki kiran bhi dikhai deti hai jo humein andhkaarse ujaale ki taraf le jaati hai. - मैल्कॉम एस फ़ोर्ब्स

अपना जीवन जीने के केवल दो ही तरीके हैं. पहला यह मानना कि कोई चमत्कार नहीं होता है, दूसरा है कि हर वस्तु एक चमत्कार है - apna jeevan jeene ke keval do tareeke hain, pahla ki yah maaanna ki koi chmatkar nahi hota, doosra ki har vastu chamatkar hai. : अल्बर्ट आइन्स्टाइन

अपना जीवन जीने के केवल दो ही तरीके हैं. पहला यह मानना कि कोई चमत्कार नहीं होता है, दूसरा है कि हर वस्तु एक चमत्कार है। : Apna jeevan jeene ke keval do tareeke hain, pahla ki yah maaanna ki koi chmatkar nahi hota, doosra ki har vastu chamatkar hai. - अल्बर्ट आइन्स्टाइन

साख बनाने में बीस साल लगते हैं और उसे गंवाने में बस पांच मिनट। अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो आप चीजें अलग तरह से करेंगे - saakh banane mein ees saal lagte hain aur use ganwane mein bus paanch minute. agar aap is baare mein sochenge to cheeze alag tareeke se karenge : वॉरेन एडवर्ड बफ़े

साख बनाने में बीस साल लगते हैं और उसे गंवाने में बस पांच मिनट। अगर आप इस बारे में सोचेंगे तो आप चीजें अलग तरह से करेंगे। : Saakh banane mein ees saal lagte hain aur use ganwane mein bus paanch minute. agar aap is baare mein sochenge to cheeze alag tareeke se karenge - वॉरेन एडवर्ड बफ़े

जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए। जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है। गेंद को पकड़े मत रहो - jeevan esa kuchh nahi hai jiske prati bahut gambheer raha jaaye. jeevna tumhare haathon mein khelne ke liye ek gend hai. gend ko pakde mat raho. : श्री श्री रविशंकर

जीवन ऐसा कुछ नहीं है जिसके प्रति बहुत गंभीर रहा जाए। जीवन तुम्हारे हाथों में खेलने के लिए एक गेंद है। गेंद को पकड़े मत रहो। : Jeevan esa kuchh nahi hai jiske prati bahut gambheer raha jaaye. jeevna tumhare haathon mein khelne ke liye ek gend hai. gend ko pakde mat raho. - श्री श्री रविशंकर

उम्र या युवावस्था का काल-क्रम से लेना-देना नहीं है। हम उतने ही नौजवान या बूढें हैं जितना हम महसूस करते हैं। हम अपने बारे में क्या सोचते हैं यही मायने रखता है - umra ya yuvavastha ka kaal-kram se lena dena nahi hai. hum utne hi naujawan ya boodhe hain jitna hum mehsoos karte hain. : डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन

उम्र या युवावस्था का काल-क्रम से लेना-देना नहीं है। हम उतने ही नौजवान या बूढें हैं जितना हम महसूस करते हैं। हम अपने बारे में क्या सोचते हैं यही मायने रखता है। : Umra ya yuvavastha ka kaal-kram se lena dena nahi hai. hum utne hi naujawan ya boodhe hain jitna hum mehsoos karte hain. - डॉ॰ सर्वपल्ली राधाकृष्णन