बोधविचार - प्रेरक, ज्ञानपूर्ण व बेहतरीन विचारों का संग्रह

धन से आज तक किसी को खुशी नहीं मिली और न ही मिलेगी, जितना अधिक व्यक्ति के पास धन होता है, वह उससे कहीं अधिक चाहता है। धन रिक्त स्थान को भरने के बजाय शून्यता को पैदा करता है - dhan se aaj tak kisi ko khushi nahi mili aur na milegi,jitna dhan vyakti ke paas hoga wah usse kahin adhik paane ki ichha rakhta hai, dhan rikt bharne ke bajaay shoonyata paida karta hai. : बेंजामिन फ्रैंकलिन

धन से आज तक किसी को खुशी नहीं मिली और न ही मिलेगी, जितना अधिक व्यक्ति के पास धन होता है, वह उससे कहीं अधिक चाहता है। धन रिक्त स्थान को भरने के बजाय शून्यता को पैदा करता है। : Dhan se aaj tak kisi ko khushi nahi mili aur na milegi,jitna dhan vyakti ke paas hoga wah usse kahin adhik paane ki ichha rakhta hai, dhan rikt bharne ke bajaay shoonyata paida karta hai. - बेंजामिन फ्रैंकलिन

आप और मैं अनंत विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। हमारे अस्तित्व के हर एक क्षण में हम उन सभी संभावनाओं के मध्य में होते हैं जहाँ हमारे पास अनंत विकल्प मौजूद होते हैं - aap aur main anant vikalpo ka chunav kar sakte hain. hamare astitva ke har ek kshan me hum un sabhi sambhavnao ke madhya me hote hain jahan hamare paas anant vikalp hote hain. : दीपक चोपड़ा

आप और मैं अनंत विकल्पों का चुनाव कर सकते हैं। हमारे अस्तित्व के हर एक क्षण में हम उन सभी संभावनाओं के मध्य में होते हैं जहाँ हमारे पास अनंत विकल्प मौजूद होते हैं। : Aap aur main anant vikalpo ka chunav kar sakte hain. hamare astitva ke har ek kshan me hum un sabhi sambhavnao ke madhya me hote hain jahan hamare paas anant vikalp hote hain. - दीपक चोपड़ा

थका हुआ इंसान दौड़ने लगे तो स्थान पर पहुँचने के बजाय जान गंवा बेठता है, ऐसे समय पर आराम करना और आगे बढ़ने की ताकत जुटाना उसका धर्म हो जाता है - thaka hua insaan daudane lage to sthaan par pahunchane ke bajaay jaan ganva bethata hai, aise samay par aaraam karana aur aage badhane kee taakat jutaana usaka dharm ho jaata hai. : सरदार वल्लभ भाई पटेल

थका हुआ इंसान दौड़ने लगे तो स्थान पर पहुँचने के बजाय जान गंवा बेठता है, ऐसे समय पर आराम करना और आगे बढ़ने की ताकत जुटाना उसका धर्म हो जाता है। : Thaka hua insaan daudane lage to sthaan par pahunchane ke bajaay jaan ganva bethata hai, aise samay par aaraam karana aur aage badhane kee taakat jutaana usaka dharm ho jaata hai. - सरदार वल्लभ भाई पटेल

यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग – अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा, लेकिन यह मेरा निजी मामला है राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है - yadi main ek taanaashaah hota to dharm aur raashtr alag - alag hote. main dharm ke lie jaan tak de doonga, lekin yah mera nijee maamala hai. : लाल बहादुर शास्त्री

यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग – अलग होते। मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा, लेकिन यह मेरा निजी मामला है राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। : Yadi main ek taanaashaah hota to dharm aur raashtr alag - alag hote. main dharm ke lie jaan tak de doonga, lekin yah mera nijee maamala hai. - लाल बहादुर शास्त्री