क्या आप जानना चाहते हैं कि आप कौन हैं? तो किसी से पूछिये मत। कार्य करना शुरू कर दें। आपका कार्य आपको परिभाषित एवं चित्रित कर देगा - kya aap janna chahte hain ki aap kaun hain? to kisi se puchhhiye mat, karya karna shuru kar dein aapka karya aapko paribhashit kar dega. : थॉमस जैफरसन

हम क्या सोचते हैं, क्या जानते हैं, और किसमें विश्वास करते हैं – अंततः ये बातें मायने नहीं रखतीं. हम क्या करते हैं वही महत्वपूर्ण है। : Hum kya sochte hain, kya janate hain aur kisme vishwas karte hain - antatah ye baatein maayne nahi rakhti , hum kya karte hain yah mahatva rkhata hai. - जॉन रस्किन