जो प्रेरणा पाप बनकर अपने लिए भयानक हो उठे, उसका परित्याग कर देना ही उचित है।

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जो प्रेरणा पाप बनकर अपने लिए भयानक हो उठे, उसका परित्याग कर देना ही उचित है। : Jo prerna paap bankar apne liye bhayanak ho uthe, uska parityaag kar dena hi uchit hai. - प्रज्ञा सुभाषितजो प्रेरणा पाप बनकर अपने लिए भयानक हो उठे, उसका परित्याग कर देना ही उचित है। : Jo prerna paap bankar apne liye bhayanak ho uthe, uska parityaag kar dena hi uchit hai. - प्रज्ञा सुभाषित

jo prerna paap bankar apne liye bhayanak ho uthe, uska parityaag kar dena hi uchit hai. | जो प्रेरणा पाप बनकर अपने लिए भयानक हो उठे, उसका परित्याग कर देना ही उचित है।