जब भी मैं बहुत अभिमानी महसूस करने लगता हूँ तो अमेरिका की यात्रा पर चला जाता हूँ. इमीग्रेशन वाले लात मार कर मेरे स्टारडम से स्टार निकाल देते हैं. - ja bhi main bahut abhimaani mehsoos karta hu, to america ki yatra par chalaa jata hu. immigration waale laat markar mera stardum nikaal dete hain. : शाहरुख़ ख़ान
सत्य को कह देना ही मेरा मज़ाक करने का तरीका है। संसार में यह सब से विचित्र मज़ाक है - satya ko kah dena hi mera majaak karne ka tareeka hai, sansaar me yah sabse vichitra hai. : जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
जीवन में दुखद बात यह है कि हम बड़े तो जल्दी हो जाते हैं, लेकिन समझदार देर से होते हैं - jeevan mein dukhad baat yah hai ki hum bade to jaldi ho jaate hai , lekin samajhdaar der se hote hain. : बेंजामिन फ्रैंकलिन
हँसमुख चेहरा रोगी के लिये उतना ही लाभकर है जितना कि स्वस्थ ऋतु - hansmukh chehra rogi ke liye utan hi laabhkar hai jitna ki swasth ritu : बेंजामिन फ्रैंकलिन
आशावादी व्यक्ति हर आपदा में एक अवसर देखता है; निराशावादी व्यक्ति हर अवसर में एक आपदा देखता है - aashavaadi vyakti har aapda mein ek avsar dekhta hai, nirashavadi vyakti har avsar me ek aapda dekhta hai. : विंस्टन चर्चिल
काम वह वस्तु नहीं है जिससे किसी व्यक्ति की पराजय होती है, वास्तव में वह वस्तु चिंता है - kaam ki vastu vah nahi hai jisse vyakti ki parajay hoti hai, vastav mein vah vastu chinta hai. : हेनरी वार्ड बीचर | Henry Ward Beecher
अज्ञानी व्यक्ति वह प्रश्न पूछते हैं जिनका उत्तर समझदार व्यक्तियों द्वारा हजार साल पहले दे दिया गया होता है - agyani vyakti prahsna puchhte hain jinka uttar samjhdar vyaktiyon dwara hajar sal pahle de diya gaya hota hai : योहान वुल्फगैंग वोन गेटे
हमारे भीतर क्या छिपा है इसकी तुलना में हमारे विगत में क्या था और हमारे भविष्य में क्या है, यह बहुत छोटी छोटी बातें है - hamare bheetra kya chhipa hai iski tulna mein hamare vigat mein kya tha aur hamare bhavishya mein kya hai yah bahut chhoti baatein hain. : राल्फ वाल्डो इमर्सन
प्रत्येक व्यक्ति के लिये उसके विचार ही सारे तालो की चाबी हैं - pratyek vyakti ke liye uske vichar hi saare taalo ki chabi hain. : राल्फ वाल्डो इमर्सन
इस दुनिया में जो कुछ हम अर्जित करते हैं, उससे नहीं अपितु जो कुछ त्याग करते हैं, उससे समृद्ध बनते हैं | - is duniya mein jo kuch bhi hum arjit karte hain, usse nahi apitu jo kuchh tyaag kate hain usse samriddha bante hain. : हेनरी वार्ड बीचर | Henry Ward Beecher
दीर्घायु होना नहीं बल्कि जीवन की गुणवत्ता का महत्व होता है - deerghayu hona nahi balki jeevan mein gunvatta ka mahatva hota hai. : मार्टिन लुथर किंग - जूनियर
हमें परिमित निराशा को स्वीकार करना चाहिए, लेकिन अपरिमित आशा को कभी नहीं खोना चाहिए - humein parimit nirasha ko sweeekar karna chahiye, lekin aparimit aasha ko kabhi khona nahi chahiye. : मार्टिन लुथर किंग - जूनियर
मैं इस आसान धर्म में विश्वास रखता हूं। मन्दिरों की कोई आवश्यकता नहीं; जटिल दर्शनशास्त्र की कोई आवश्यकता नहीं। हमारा मस्तिष्क, हमारा हृदय ही हमारा मन्दिर है; और दयालुता जीवन-दर्शन है - main is aasan dharm mein vihswas rakhta hu.mandiro ki koi avshyakata nahi, jatil darshanshastra ki koi avashyakta nahi. hamara mastishk hamara mandir aur dayaluta jeevan darshan hai. : दलाई लामा
दानशीलता हमारी क्षमता से अधिक देने में, और गौरव अपनी आवश्यकता से कम लेने में है - daansheelta hamari ksamta se adhik dne mein aur gaurav apni aavshyakta se kam lene mein hai. : खलील जिब्रान
मानवता प्रकाश की वह नदी है जो सीमित से असीम की ओर बहती है - manvata prakash ki vah nadi hai jo seemit se aseem ki or bahti hai. : खलील जिब्रान
कभी भी सफाई नहीं दें। आपके दोस्तों को इसकी आवश्यकता नहीं है और आपके दुश्मनों को विश्वास ही नहीं होगा - kabhi bhi safaai nahi dein. aapke dosto ko iski avshyakta nahi hai aur aapke dushmano ko vishwas hi nahi hoga. : एल्बर्ट हबार्ड
गलती करने में कोई गलती नहीं है। गलती करने से डरना सबसे बडी गलती है - galti karne mein koi galti nahi hai. galati karne se darna sabse badi galti hai. : एल्बर्ट हबार्ड
ग़रीबों के समान विनम्र अमीर और अमीरों के समान उदार ग़रीब ईश्वर के प्रिय पात्र होते हैं - gareebo ke samaan vinamra aur ameero ke samaan udaar gareeb ishwar ke priya paatra hote hain.. : शेख सादी शिराज़ी
लोभी को पूरा संसार मिल जाए तो भी वह, भूखा रहता है, लेकिन संतोषी का पेट, एक रोटी से ही भर जाता है - lobhi ko poora sansaar mil jaaye vah bhookh rahta hai, lekin santoshi ka pet ek roti se hi bhar jata hai. : शेख सादी शिराज़ी
वह आदमी वास्तव में बुद्धिमान है जो क्रोध में भी गलत बात मुंह से नहीं निकालता - vah aadmi vastav mein buddhiman hai jo krodh mein bhi galat baat muh se nahi nikalata hai. : शेख सादी शिराज़ी
वाणी मधुर हो तो सब कुछ वश में हो जाता है, अन्यथा सब शत्रु बन जाते हैं - vaani madhur ho tosb kuchh vash me aa jata hai, anyatha sab shatru ban jaate hain. : शेख सादी शिराज़ी
इंसान अगर लोभ को ठुकरा दे तो बादशाह से भी ऊंचा दर्जा हासिल कर सकता है, क्योंकि संतोष ही इंसान का माथा हमेशा ऊंचा रख सकता है - agar insaan lobh ko thukra de to badhshah se bhi uncha darja haasil kar sakta hai, kyonki santosh hi insaan ka matha hamesha unchaa rakh sakta hai. : शेख सादी शिराज़ी