बोधविचार - प्रेरक, ज्ञानपूर्ण व बेहतरीन विचारों का संग्रह

विश्व के करोड़ों लोग मेहनत करते है लेकिन सबको इसका फल अलग-अलग प्राप्त होता हैं। इन सब के लिए मेहनत जिम्मेदार हैं। इसलिए मेहनत से मत भागिये, मेहनत करने के तरीको में सुधार लाइए - vishva ke karodo log mehnat karte hain lekin iska fal sabo alag alag prapt hota hai . in sabke liye mehnat zimmedar hai , isliye mhnat se bhagiye nahi balki mehanta karne ke tareeko me sudhaar laaiye : रतन टाटा

विश्व के करोड़ों लोग मेहनत करते है लेकिन सबको इसका फल अलग-अलग प्राप्त होता हैं। इन सब के लिए मेहनत जिम्मेदार हैं। इसलिए मेहनत से मत भागिये, मेहनत करने के तरीको में सुधार लाइए। : Vishva ke karodo log mehnat karte hain lekin iska fal sabo alag alag prapt hota hai . in sabke liye mehnat zimmedar hai , isliye mhnat se bhagiye nahi balki mehanta karne ke tareeko me sudhaar laaiye - रतन टाटा

जिन जीवन मूल्यों और नीतियों को मैं जीवन में जीता रहा, इसके सिवा मैं जो संपंदा अपने पीछे छोड़ना चाहता हूं वह यह है कि आप हमेशा जिस चीज को सही माने उसके साथ डट कर खड़े रहे और जहां तक संभव हो निष्पक्ष बने रहे - jin jeevn mulyon aur neetiyon ko main jeevan me jeeta raha iske sivaa main jo sampda apne peeche chhodna chahta hu wah yah hai ki aaphamesha jis cheez ko sahi maane uske sath datke khade rahein ,a uar jahan tak honishpaksha banein. : रतन टाटा

जिन जीवन मूल्यों और नीतियों को मैं जीवन में जीता रहा, इसके सिवा मैं जो संपंदा अपने पीछे छोड़ना चाहता हूं वह यह है कि आप हमेशा जिस चीज को सही माने उसके साथ डट कर खड़े रहे और जहां तक संभव हो निष्पक्ष बने रहे। : Jin jeevn mulyon aur neetiyon ko main jeevan me jeeta raha iske sivaa main jo sampda apne peeche chhodna chahta hu wah yah hai ki aaphamesha jis cheez ko sahi maane uske sath datke khade rahein ,a uar jahan tak honishpaksha banein. - रतन टाटा

हम अपने देश के लिए आज़ादी चाहते हैं, पर दूसरों का शोषण कर के नहीं, ना ही दूसरे देशों को नीचा दिखाके, मैं अपने देश की आजादी ऐसे चाहता हूँ कि अन्य देश मेरे आजाद देश से कुछ सीख सकें, और मेरे देश के संसाधन मानवता के लाभ के लिए प्रयोग हो सकें. - hum apne desh ke lie aazadi chahte hain par doosro ka shoshan karke nahi, na hi doosre desho ko neecha dikha ke : लाल बहादुर शास्त्री

हम अपने देश के लिए आज़ादी चाहते हैं, पर दूसरों का शोषण कर के नहीं, ना ही दूसरे देशों को नीचा दिखाके, मैं अपने देश की आजादी ऐसे चाहता हूँ कि अन्य देश मेरे आजाद देश से कुछ सीख सकें, और मेरे देश के संसाधन मानवता के लाभ के लिए प्रयोग हो सकें. : Hum apne desh ke lie aazadi chahte hain par doosro ka shoshan karke nahi, na hi doosre desho ko neecha dikha ke - लाल बहादुर शास्त्री

आप रातोरात अपनी पत्नी को नहीं बदल सकते, अपने बच्चों को नहीं बदल सकते, अपने सहयोगियों/सहकर्मियों अथवा मित्रों को नहीं बदल सकते मगर स्वयं को बदल सकते हैं …कोशिश करके देखिये आप बदलेंगे तो अपने आप यह समूह भी बदल जाएगा - aap raatoraat apni patni nahi badal sakte, apne bachcho ko nahi badal sakte apne sahyogi, sahkarmiyon ko nahi badal sakte lekin swaym ko badal sakte hain. : रवीन्द्र प्रभात

आप रातोरात अपनी पत्नी को नहीं बदल सकते, अपने बच्चों को नहीं बदल सकते, अपने सहयोगियों/सहकर्मियों अथवा मित्रों को नहीं बदल सकते मगर स्वयं को बदल सकते हैं …कोशिश करके देखिये आप बदलेंगे तो अपने आप यह समूह भी बदल जाएगा। : Aap raatoraat apni patni nahi badal sakte, apne bachcho ko nahi badal sakte apne sahyogi, sahkarmiyon ko nahi badal sakte lekin  swaym ko badal sakte hain. - रवीन्द्र प्रभात

यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते. मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा. लेकिन यह मेरा निजी मामला है। राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं. वो सबका निजी मामला है - yadi main ek tanashah hota to dharm aur rashtra alag alag hote, main dharm ke liye jaan de dunga, yah mera niji maamla hai, rashta ka isse kuchhlena dena nahi hai. : लाल बहादुर शास्त्री

यदि मैं एक तानाशाह होता तो धर्म और राष्ट्र अलग-अलग होते. मैं धर्म के लिए जान तक दे दूंगा. लेकिन यह मेरा निजी मामला है। राज्य का इससे कुछ लेना देना नहीं है। राष्ट्र धर्मनिरपेक्ष कल्याण, स्वास्थ्य, संचार, विदेशी संबंधो, मुद्रा इत्यादि का ध्यान रखेगा, लेकिन मेरे या आपके धर्म का नहीं. वो सबका निजी मामला है। : Yadi main ek tanashah hota to dharm aur rashtra alag alag hote, main dharm ke liye jaan de dunga, yah mera niji maamla hai, rashta ka isse kuchhlena dena nahi hai. - लाल बहादुर शास्त्री

यदि कोई दुखी है, पीड़ित है और उसके कंधे पर हाथ रख दिया जाये, तो निश्चित रूप से उसकी पीड़ा कम हो जाएगी। रोते हुये बच्चे को माँ या फिर किसी सगे के द्वारा गोद में उठा लेना और संस्पर्श पाकर बच्चे का चुप हो जाना यह दर्शाता है कि स्पर्श हमारा भावनात्मक बल है - yadi koi dukhi hai peedit hai aur uske kandhe par hah rakh diya jaaye to nishachit roop se uski peeda kam ho jayegi. : रवीन्द्र प्रभात

यदि कोई दुखी है, पीड़ित है और उसके कंधे पर हाथ रख दिया जाये, तो निश्चित रूप से उसकी पीड़ा कम हो जाएगी। रोते हुये बच्चे को माँ या फिर किसी सगे के द्वारा गोद में उठा लेना और संस्पर्श पाकर बच्चे का चुप हो जाना यह दर्शाता है कि स्पर्श हमारा भावनात्मक बल है। : Yadi koi dukhi hai peedit hai aur uske kandhe par hah rakh diya jaaye to nishachit roop se uski peeda kam ho jayegi. - रवीन्द्र प्रभात

“जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें| - jab aap apna dukh baantate hain, wo kam nahi hota, jab aap apni khushiyan baantne se rah jaate hain to wo kam ho jaati hain. : श्री श्री रविशंकर | Sri Sri Ravi Shankar

“जब आप अपना दुःख बांटते हैं , वो कम नहीं होता. जब आप अपनी ख़ुशी बांटने से रह जाते हैं, वो कम हो जाती है.अपनी समस्याओं को सिर्फ ईश्वर से सांझा करें , और किसी से नहीं, क्योंकि ऐसा करना सिर्फ आपकी समस्या को बढ़ाएगा.अपनी ख़ुशी सबके साथ बांटें| : Jab aap apna dukh baantate hain, wo kam nahi hota, jab aap apni khushiyan baantne se rah jaate hain to wo kam ho jaati hain. - श्री श्री रविशंकर | Sri Sri Ravi Shankar

“मैं आपको बताता हूँ, आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है, प्रसन्नता का झरना है. आपके मूल के भीतर सत्य,प्रकाश, प्रेम है, वहां कोई अपराध बोध नहीं है, वहां कोई डर नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा|” - main aapko btata hu, aapke bheetar ek paramanand ka fuvvara hai, prasannata ka jharna hai. aapke mool ke bheetar satya, prakash , prem hai. : श्री श्री रविशंकर | Sri Sri Ravi Shankar

“मैं आपको बताता हूँ, आपके भीतर एक परमानंद का फव्वारा है, प्रसन्नता का झरना है. आपके मूल के भीतर सत्य,प्रकाश, प्रेम है, वहां कोई अपराध बोध नहीं है, वहां कोई डर नहीं है. मनोवैज्ञानिकों ने कभी इतनी गहराई में नहीं देखा|” : Main aapko btata hu, aapke bheetar ek paramanand ka fuvvara hai, prasannata ka jharna hai. aapke mool ke bheetar satya, prakash , prem hai. - श्री श्री रविशंकर | Sri Sri Ravi Shankar

भ्रष्टाचार को पकड़ना बहुत कठिन काम है, लेकिन मैं पूरे जोर के साथ कहता हूँ कि यदि हम इस समस्या से गंभीरता और दृढ संकल्प के साथ नहीं निपटते तो हम अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में असफल होंगे. - bhrashtachar ko pakadna bahut kathin kaam hai. lekin main poore jor ke stah kahna chahta hu ki yadi hum sheeghar hi is samasya se nahi nipte to bhavishya me kartvyo ka nirvaah nahikar paayenge. : लाल बहादुर शास्त्री

भ्रष्टाचार को पकड़ना बहुत कठिन काम है, लेकिन मैं पूरे जोर के साथ कहता हूँ कि यदि हम इस समस्या से गंभीरता और दृढ संकल्प के साथ नहीं निपटते तो हम अपने कर्तव्यों का निर्वाह करने में असफल होंगे. : Bhrashtachar ko pakadna bahut kathin kaam hai. lekin main poore jor ke stah kahna chahta hu ki yadi hum sheeghar hi is samasya se nahi nipte to bhavishya me kartvyo ka nirvaah  nahikar paayenge. - लाल बहादुर शास्त्री

जीवन बहुत आसान है- आप कुछ काम करते हैं। ज्यादातर में असफल हो जाते हैं और कुछ में सफल । जो काम कर जाता है उसे आप और अधिक करते हैं। अगर वो बड़ा स्तर तक जाता है तो बाकी लोग तेजी से उसे कॉपी कर लेते हैं। तब आप कुछ और करते हैं। ट्रिक- कुछ और करते रहने में है - jeevan abhut hi aasan hai- aap kuchhkaam karte hain. jyadatar me asafal ho jate hain aur kchh mein safal . : लियोनार्डो दा-विंची

जीवन बहुत आसान है- आप कुछ काम करते हैं। ज्यादातर में असफल हो जाते हैं और कुछ में सफल । जो काम कर जाता है उसे आप और अधिक करते हैं। अगर वो बड़ा स्तर तक जाता है तो बाकी लोग तेजी से उसे कॉपी कर लेते हैं। तब आप कुछ और करते हैं। ट्रिक- कुछ और करते रहने में है। : Jeevan abhut hi aasan hai- aap kuchhkaam karte hain. jyadatar me asafal ho jate hain aur kchh mein safal . - लियोनार्डो दा-विंची

हम किसी भी चीज को पूर्णतः ठीक तरीके से परिभाषित नहीं कर सकते। अगर ऐसा करने की कोशिश करें, तो हम भी उसी वैचारिक पक्षाघात के शिकार हो जाएँगे जिसके शिकार दार्शनिक होते हैं - hum kisi bhi cheez ko poornataya theek tareeke se paribhashit nahi kar sakte. agar humesa karne ki koshish karein to hum bhi us vaicharik pakshaghaat ke shikar ho jaayenge jiske darshnik ho jaate hain. : अज्ञात

हम किसी भी चीज को पूर्णतः ठीक तरीके से परिभाषित नहीं कर सकते। अगर ऐसा करने की कोशिश करें, तो हम भी उसी वैचारिक पक्षाघात के शिकार हो जाएँगे जिसके शिकार दार्शनिक होते हैं। : Hum kisi bhi cheez ko poornataya theek tareeke se paribhashit nahi kar sakte. agar humesa karne ki koshish karein to hum bhi us vaicharik pakshaghaat ke shikar ho jaayenge jiske darshnik ho jaate hain. - अज्ञात

अपने आत्मबल को जगाने वाला, खुद को पहचानने वाला, और मानव जाति के कल्याण की सोच रखने वाला, पूरे विश्व पर राज्य कर सकता है - apne aatmbal ko jagaane wala, khud ko pahchanne wala, aur manav jaati ke kalyaan ki soch rakhne wala poore vishva par raaj kar sakt hai. : छत्रपति शिवाजी

अपने आत्मबल को जगाने वाला, खुद को पहचानने वाला, और मानव जाति के कल्याण की सोच रखने वाला, पूरे विश्व पर राज्य कर सकता है। : Apne aatmbal ko jagaane wala, khud ko pahchanne wala, aur manav jaati ke kalyaan ki soch rakhne wala poore vishva par raaj kar sakt hai. - छत्रपति शिवाजी

जन्म देने वाले माता पिता से अध्यापक कहीं अधिक सम्मान के पात्र हैं, क्योंकि माता पिता तो केवल जन्म देते हैं, लेकिन अध्यापक उन्हें शिक्षित बनाते हैं, माता पिता तो केवल जीवन प्रदान करते हैं, जबकि अध्यापक उनके लिए बेहतर जीवन को सुनिश्चित करते हैं - janm den wale maata pita se adhyapak kahin adhik samman ke paatra hain, kyonki mata pita to keval janm dete hain lekin adhyapak unhe shikshit banate hain. : अरस्तु

जन्म देने वाले माता पिता से अध्यापक कहीं अधिक सम्मान के पात्र हैं, क्योंकि माता पिता तो केवल जन्म देते हैं, लेकिन अध्यापक उन्हें शिक्षित बनाते हैं, माता पिता तो केवल जीवन प्रदान करते हैं, जबकि अध्यापक उनके लिए बेहतर जीवन को सुनिश्चित करते हैं। : Janm den wale maata pita se adhyapak kahin adhik samman ke paatra hain, kyonki mata pita to keval janm dete hain lekin adhyapak unhe shikshit banate hain. - अरस्तु

जीवन मुख्य रुप से अथवा मोटे तौर पर तथ्यों और घटनाओं पर आधारित नहीं है। यह मुख्य रुप से किसी व्यक्ति के दिलो दिमाग में निरन्तर उठने वाले विचारों के तूफानों पर आधारित होती है - jeevan mukhya roop se athva mote taur par tathyo aur ghatnaao par adharit nahi hai.mukhya roop se kisi vyakti ke dilo dimaag nirantar uth rhe vicharo ke toofan par adaharit hai. : मार्क ट्वेन

जीवन मुख्य रुप से अथवा मोटे तौर पर तथ्यों और घटनाओं पर आधारित नहीं है। यह मुख्य रुप से किसी व्यक्ति के दिलो दिमाग में निरन्तर उठने वाले विचारों के तूफानों पर आधारित होती है। : Jeevan mukhya roop se athva mote taur par tathyo aur ghatnaao par adharit nahi hai.mukhya roop se kisi vyakti ke dilo dimaag nirantar uth rhe vicharo ke toofan par adaharit hai. - मार्क ट्वेन

चरित्र वृक्ष के समान है तो प्रतिष्ठा, उसकी छाया है। हम अक्सर छाया के, बारे में सोचते हैं, जबकि असल, चीज तो वृक्ष ही है - charitra vriksha ke samaan hai to pratishtha, uski chhhaya. hum aksar chhaya ke baare mein sochte hain jabki asal cheez to vriksha hi hai. : अब्राहम लिंकन

चरित्र वृक्ष के समान है तो प्रतिष्ठा, उसकी छाया है। हम अक्सर छाया के, बारे में सोचते हैं, जबकि असल, चीज तो वृक्ष ही है। : Charitra vriksha ke samaan hai to pratishtha, uski chhhaya. hum aksar chhaya ke baare mein sochte hain jabki asal cheez to vriksha hi hai. - अब्राहम लिंकन