मनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं।

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मनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं। : Manovikar bhale hi chhote ho ya bade, yah shatru ke samaan hain aur pratadna ke yogya hain. - प्रज्ञा सुभाषितमनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं। : Manovikar bhale hi chhote ho ya bade, yah shatru ke samaan hain aur pratadna ke yogya hain. - प्रज्ञा सुभाषित

manovikar bhale hi chhote ho ya bade, yah shatru ke samaan hain aur pratadna ke yogya hain. | मनोविकार भले ही छोटे हों या बड़े, यह शत्रु के समान हैं और प्रताड़ना के ही योग्य हैं।