जो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है।

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जो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है। : Jo jaisa sochta hai, vah waisa hi ban jata hai. - प्रज्ञा सुभाषितजो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है। : Jo jaisa sochta hai, vah waisa hi ban jata hai. - प्रज्ञा सुभाषित

jo jaisa sochta hai, vah waisa hi ban jata hai. | जो जैसा सोचता और करता है, वह वैसा ही बन जाता है।