अगर ‘मनुष्य’ का मन ‘शाँन्त’ है, ‘चित्त’ प्रसन्न है, ह्रदय ‘हर्षित’ है, तो निश्चय ही ये अच्छे कर्मो का ‘फल’ है।

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अगर ‘मनुष्य’ का मन ‘शाँन्त’ है, ‘चित्त’ प्रसन्न है, ह्रदय ‘हर्षित’ है, तो निश्चय ही ये अच्छे कर्मो का ‘फल’ है। : Agar manushya ka man shant hai, chitta prasanna hai hriday harshit hai to nishchaya hi yah achche karmo ka fal hai. - महर्षि दयानंद सरस्वतीअगर ‘मनुष्य’ का मन ‘शाँन्त’ है, ‘चित्त’ प्रसन्न है, ह्रदय ‘हर्षित’ है, तो निश्चय ही ये अच्छे कर्मो का ‘फल’ है। : Agar manushya ka man shant hai, chitta prasanna hai hriday harshit hai to nishchaya hi yah achche karmo ka fal hai. - महर्षि दयानंद सरस्वती

agar manushya ka man shant hai, chitta prasanna hai hriday harshit hai to nishchaya hi yah achche karmo ka fal hai. | अगर ‘मनुष्य’ का मन ‘शाँन्त’ है, ‘चित्त’ प्रसन्न है, ह्रदय ‘हर्षित’ है, तो निश्चय ही ये अच्छे कर्मो का ‘फल’ है।