नेतृत्व पहले विशुद्ध रूप से सेवा का मार्ग था। एक कष्ट साध्य कार्य जिसे थोड़े से सक्षम व्यक्ति ही कर पाते थे।

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नेतृत्व पहले विशुद्ध रूप से सेवा का मार्ग था। एक कष्ट साध्य कार्य जिसे थोड़े से सक्षम व्यक्ति ही कर पाते थे। : Netritva ka vishuddha roop seva ka marg tha, ek kasht sadhya karya jise thode se sksham vyakti hi kar paate the. - प्रज्ञा सुभाषितनेतृत्व पहले विशुद्ध रूप से सेवा का मार्ग था। एक कष्ट साध्य कार्य जिसे थोड़े से सक्षम व्यक्ति ही कर पाते थे। : Netritva ka vishuddha roop seva ka marg tha, ek kasht sadhya karya jise thode se sksham vyakti hi kar paate the. - प्रज्ञा सुभाषित

netritva ka vishuddha roop seva ka marg tha, ek kasht sadhya karya jise thode se sksham vyakti hi kar paate the. | नेतृत्व पहले विशुद्ध रूप से सेवा का मार्ग था। एक कष्ट साध्य कार्य जिसे थोड़े से सक्षम व्यक्ति ही कर पाते थे।