यदि मानव जाति को जीवित रखना है तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी।

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यदि मानव जाति को जीवित रखना है तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी। : Yadi maanav jati ko jeevit rakhna hai to hume bilkul nai soch ki aavashyakta hogi - अल्बर्ट आइन्स्टाइनयदि मानव जाति को जीवित रखना है तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी। : Yadi maanav jati ko jeevit rakhna hai to hume bilkul nai soch ki aavashyakta hogi - अल्बर्ट आइन्स्टाइन

yadi maanav jati ko jeevit rakhna hai to hume bilkul nai soch ki aavashyakta hogi | यदि मानव जाति को जीवित रखना है तो हमें बिलकुल नयी सोच की आवश्यकता होगी।