सर्प, नृप, शेर, डंक मारने वाले जीव, छोटे बच्चे, दूसरों के कुत्तों, और एक मूर्ख; इन सातों को नींद से नहीं उठाना चाहिए - sarp, raja, sher, dank maarne wale jeev, chhote bachche, doosron ke kutte aur ek moorkh- in saaton ko neend se nahi jagaan chahiye. : चाणक्य

सर्प, नृप, शेर, डंक मारने वाले जीव, छोटे बच्चे, दूसरों के कुत्तों, और एक मूर्ख; इन सातों को नींद से नहीं उठाना चाहिए। : Sarp, raja, sher, dank maarne wale jeev, chhote bachche, doosron ke kutte aur ek moorkh- in saaton ko neend se nahi jagaan chahiye. - चाणक्य

व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है | वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है - vyakti akele hi paida hota hai aur akele hi mar jata hai. wo apne achche bure karmo ka fal khud bhugtata hai aur akela hi swarg athva narak jata hai. : चाणक्य

व्यक्ति अकेले पैदा होता है और अकेले मर जाता है और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मों का फल खुद ही भुगतता है | वह अकेले ही नर्क या स्वर्ग जाता है। : Vyakti akele hi paida hota hai aur akele hi mar jata hai. wo apne achche bure karmo ka fal khud bhugtata hai aur akela hi swarg athva narak jata hai. - चाणक्य

वेश्याएं निर्धनों के साथ नहीं रहतीं, नागरिक दुर्बलों की संगती में नहीं रहते, और पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिसपे फल ना हों - Vaishyaye nirdhano ke sath nahi rehti, nagrik durbalo ki sangati me nhi rahte aur pakshi us ped par ghosla nahi banate jis par fal na ho : चाणक्य

वेश्याएं निर्धनों के साथ नहीं रहतीं, नागरिक दुर्बलों की संगती में नहीं रहते, और पक्षी उस पेड़ पर घोंसला नहीं बनाते जिसपे फल ना हों। : Vaishyaye nirdhano ke sath nahi rehti, nagrik durbalo ki sangati me nhi rahte aur pakshi us ped par ghosla nahi banate jis par fal na ho - चाणक्य