मुझे ग्रामीण क्षेत्रों में एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वत: ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है।

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मुझे ग्रामीण क्षेत्रों में एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वत: ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है। : Mujhe graameen kshetron mein ek maamoolee kaaryakarta ke roop mein lagabhag pachaas varsh tak kaary karana pada hai, isalie mera dhyaan svatah: keval un logon kee or aur un kshetron ke haalaat par chala jaata hai. - लाल बहादुर शास्त्रीमुझे ग्रामीण क्षेत्रों में एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वत: ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है। : Mujhe graameen kshetron mein ek maamoolee kaaryakarta ke roop mein lagabhag pachaas varsh tak kaary karana pada hai, isalie mera dhyaan svatah: keval un logon kee or aur un kshetron ke haalaat par chala jaata hai. - लाल बहादुर शास्त्री

mujhe graameen kshetron mein ek maamoolee kaaryakarta ke roop mein lagabhag pachaas varsh tak kaary karana pada hai, isalie mera dhyaan svatah: keval un logon kee or aur un kshetron ke haalaat par chala jaata hai. | मुझे ग्रामीण क्षेत्रों में एक मामूली कार्यकर्ता के रूप में लगभग पचास वर्ष तक कार्य करना पड़ा है, इसलिए मेरा ध्यान स्वत: ही उन लोगों की ओर तथा उन क्षेत्रों के हालात पर चला जाता है।