कुकर्मी से बढ़कर अभागा और कोई नहीं है; क्योंकि विपत्ति में उसका कोई साथी नहीं होता।

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कुकर्मी से बढ़कर अभागा और कोई नहीं है; क्योंकि विपत्ति में उसका कोई साथी नहीं होता। : Kukarmi se badhkar koi abhaga nahi hai kyonki vipatti me uska koi saathi nahi hota. - प्रज्ञा सुभाषितकुकर्मी से बढ़कर अभागा और कोई नहीं है; क्योंकि विपत्ति में उसका कोई साथी नहीं होता। : Kukarmi se badhkar koi abhaga nahi hai kyonki vipatti me uska koi saathi nahi hota. - प्रज्ञा सुभाषित

kukarmi se badhkar koi abhaga nahi hai kyonki vipatti me uska koi saathi nahi hota. | कुकर्मी से बढ़कर अभागा और कोई नहीं है; क्योंकि विपत्ति में उसका कोई साथी नहीं होता।