कोई भी समस्या चेतना के उसी स्तर पर रह कर नहीं हल की जा सकती है जिसपर वह उत्पन्न हुई है।

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कोई भी समस्या चेतना के उसी स्तर पर रह कर नहीं हल की जा सकती है जिसपर वह उत्पन्न हुई है। : Koi bhi samasya chetna ke usi star par rahkar hal nahi ki jaa sakti hai, jhispe ki wah utpanna hui hai - अल्बर्ट आइन्स्टाइनकोई भी समस्या चेतना के उसी स्तर पर रह कर नहीं हल की जा सकती है जिसपर वह उत्पन्न हुई है। : Koi bhi samasya chetna ke usi star par rahkar hal nahi ki jaa sakti hai, jhispe ki wah utpanna hui hai - अल्बर्ट आइन्स्टाइन

koi bhi samasya chetna ke usi star par rahkar hal nahi ki jaa sakti hai, jhispe ki wah utpanna hui hai | कोई भी समस्या चेतना के उसी स्तर पर रह कर नहीं हल की जा सकती है जिसपर वह उत्पन्न हुई है।