जीवन हमें जो ताश के पत्ते देता हैं, उन्हे हर खिलाड़ी को स्वीकार करना पड़ता हैं, लेकिन जब पत्ते हाथ में आ जावे तो खिलाड़ी को यह तय करना होता हैं कि वह उन पत्तों को किस तरह खेलें, ताकि वह बाजी जीत सके।

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जीवन हमें जो ताश के पत्ते देता हैं, उन्हे हर खिलाड़ी को स्वीकार करना पड़ता हैं, लेकिन जब पत्ते हाथ में आ जावे तो खिलाड़ी को यह तय करना होता हैं कि वह उन पत्तों को किस तरह खेलें, ताकि वह बाजी जीत सके। : Jeevan hamen jo taash ke patte deta hain, unhe har khilaadi ko swikaar karna padta hain, lekin jab patte haath mein aa jaave to khilaadi ko yah tay karna hota hain ki vah un patton ko kis tarah khelen, taaki vah baazi jeet sake. - वोल्टेयरजीवन हमें जो ताश के पत्ते देता हैं, उन्हे हर खिलाड़ी को स्वीकार करना पड़ता हैं, लेकिन जब पत्ते हाथ में आ जावे तो खिलाड़ी को यह तय करना होता हैं कि वह उन पत्तों को किस तरह खेलें, ताकि वह बाजी जीत सके। : Jeevan hamen jo taash ke patte deta hain, unhe har khilaadi ko swikaar karna padta hain, lekin jab patte haath mein aa jaave to khilaadi ko yah tay karna hota hain ki vah un patton ko kis tarah khelen, taaki vah baazi jeet sake. - वोल्टेयर

jeevan hamen jo taash ke patte deta hain, unhe har khilaadi ko swikaar karna padta hain, lekin jab patte haath mein aa jaave to khilaadi ko yah tay karna hota hain ki vah un patton ko kis tarah khelen, taaki vah baazi jeet sake. | जीवन हमें जो ताश के पत्ते देता हैं, उन्हे हर खिलाड़ी को स्वीकार करना पड़ता हैं, लेकिन जब पत्ते हाथ में आ जावे तो खिलाड़ी को यह तय करना होता हैं कि वह उन पत्तों को किस तरह खेलें, ताकि वह बाजी जीत सके।