एक नेता या कर्मठ व्यक्ति संकट के समय लगभग हमेशा ही अवचेतन रूप में कार्य करता है और फिर अपने किये गए कार्यों के लिए तर्क सोचता है।

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एक नेता या कर्मठ व्यक्ति संकट के समय लगभग हमेशा ही अवचेतन रूप में कार्य करता है और फिर अपने किये गए कार्यों के लिए तर्क सोचता है। : Ek neta ya karmath vyakti paristhiti ke samay lagabhag hamesha hee avachetan roop mein kaary karata hai aur phir apane kie gae kaaryon ke lie tarkasheelata ko sveekaar karata hai. - जवाहरलाल नेहरूएक नेता या कर्मठ व्यक्ति संकट के समय लगभग हमेशा ही अवचेतन रूप में कार्य करता है और फिर अपने किये गए कार्यों के लिए तर्क सोचता है। : Ek neta ya karmath vyakti paristhiti ke samay lagabhag hamesha hee avachetan roop mein kaary karata hai aur phir apane kie gae kaaryon ke lie tarkasheelata ko sveekaar karata hai. - जवाहरलाल नेहरू

ek neta ya karmath vyakti paristhiti ke samay lagabhag hamesha hee avachetan roop mein kaary karata hai aur phir apane kie gae kaaryon ke lie tarkasheelata ko sveekaar karata hai. | एक नेता या कर्मठ व्यक्ति संकट के समय लगभग हमेशा ही अवचेतन रूप में कार्य करता है और फिर अपने किये गए कार्यों के लिए तर्क सोचता है।