एक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है, जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं , जब एक युग का अंत होता है, और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा, अपनी बात कह सकती है।

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एक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है, जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं , जब एक युग का अंत होता है, और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा, अपनी बात कह सकती है। : Ek aisa kshan jo itihaas mein bahut hee kam aata hai, jab ham puraane ke chhod nae kee taraph jaate hain, jab ek yug ka ant hota hai, aur jab saalon se shoshit ek desh kee aatma, apanee baat kah sakatee hai. - जवाहरलाल नेहरूएक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है, जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं , जब एक युग का अंत होता है, और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा, अपनी बात कह सकती है। : Ek aisa kshan jo itihaas mein bahut hee kam aata hai, jab ham puraane ke chhod nae kee taraph jaate hain, jab ek yug ka ant hota hai, aur jab saalon se shoshit ek desh kee aatma, apanee baat kah sakatee hai. - जवाहरलाल नेहरू

ek aisa kshan jo itihaas mein bahut hee kam aata hai, jab ham puraane ke chhod nae kee taraph jaate hain, jab ek yug ka ant hota hai, aur jab saalon se shoshit ek desh kee aatma, apanee baat kah sakatee hai. | एक ऐसा क्षण जो इतिहास में बहुत ही कम आता है, जब हम पुराने के छोड़ नए की तरफ जाते हैं , जब एक युग का अंत होता है, और जब वर्षों से शोषित एक देश की आत्मा, अपनी बात कह सकती है।