अज्ञानी आदमी के लिये खामोशी से बढ़कर कोई चीज नहीं, और अगर उसमें यह समझने की बुद्धि है तो वह अज्ञानी नहीं रहेगा।

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अज्ञानी आदमी के लिये खामोशी से बढ़कर कोई चीज नहीं, और अगर उसमें यह समझने की बुद्धि है तो वह अज्ञानी नहीं रहेगा। : Agyaani aadmi ke liye khamoshi se badhkar koi aur cheez nahi hai aur agar usme yah samjhne ki buddhi hai to vah agyaani nahi rahega. - शेख सादी शिराज़ीअज्ञानी आदमी के लिये खामोशी से बढ़कर कोई चीज नहीं, और अगर उसमें यह समझने की बुद्धि है तो वह अज्ञानी नहीं रहेगा। : Agyaani aadmi ke liye khamoshi se badhkar koi aur cheez nahi hai aur agar usme yah samjhne ki buddhi hai to vah agyaani nahi rahega. - शेख सादी शिराज़ी

agyaani aadmi ke liye khamoshi se badhkar koi aur cheez nahi hai aur agar usme yah samjhne ki buddhi hai to vah agyaani nahi rahega. | अज्ञानी आदमी के लिये खामोशी से बढ़कर कोई चीज नहीं, और अगर उसमें यह समझने की बुद्धि है तो वह अज्ञानी नहीं रहेगा।