बोधविचार - प्रेरक, ज्ञानपूर्ण व बेहतरीन विचारों का संग्रह

व्यक्ति अपने विचारों के सिवाय कुछ नहीं है. वह जो सोचता है, वह बन जाता है - vyakti apane vichaaron ke sivaay kuchh nahin hai. vah jo sochata hai, vah ban jaata hai. : महात्मा गाँधी

व्यक्ति अपने विचारों के सिवाय कुछ नहीं है. वह जो सोचता है, वह बन जाता है। : Vyakti apane vichaaron ke sivaay kuchh nahin hai. vah jo sochata hai, vah ban jaata hai. - महात्मा गाँधी

हम अपने देश के लिए आज़ादी चाहते हैं, पर दूसरों का शोषण कर के नहीं, ना ही दूसरे देशों को नीचा दिखाके, मैं अपने देश की आजादी ऐसे चाहता हूँ कि अन्य देश मेरे आजाद देश से कुछ सीख सकें, और मेरे देश के संसाधन मानवता के लाभ के लिए प्रयोग हो सकें. - hum apne desh ke lie aazadi chahte hain par doosro ka shoshan karke nahi, na hi doosre desho ko neecha dikha ke : लाल बहादुर शास्त्री

हम अपने देश के लिए आज़ादी चाहते हैं, पर दूसरों का शोषण कर के नहीं, ना ही दूसरे देशों को नीचा दिखाके, मैं अपने देश की आजादी ऐसे चाहता हूँ कि अन्य देश मेरे आजाद देश से कुछ सीख सकें, और मेरे देश के संसाधन मानवता के लाभ के लिए प्रयोग हो सकें. : Hum apne desh ke lie aazadi chahte hain par doosro ka shoshan karke nahi, na hi doosre desho ko neecha dikha ke - लाल बहादुर शास्त्री