प्रस्तुत उलझनें और दुष्प्रवृत्तियाँ कहीं आसमान से नहीं टपकीं। वे मनुष्य की अपनी बोयी, उगाई और बढ़ाई हुई हैं।

इमेज का डाउनलोड लिंक नीचे दिया गया है

डाउनलोड करें

Leave A Reply

Your email address will not be published.