हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले - ho sakta hai ye bhagwan ki marzi ho ki main jis vajah se pratinidhitva karta hu use mere aazad rahne se jyada mere peeda me rahnese adhiklaabh mile. : बाल गंगाधर तिलक

हो सकता है ये भगवान की मर्जी हो कि मैं जिस वजह का प्रतिनिधित्व करता हूँ उसे मेरे आजाद रहने से ज्यादा मेरे पीड़ा में होने से अधिक लाभ मिले। : Ho sakta hai ye bhagwan ki marzi ho ki main jis vajah se pratinidhitva karta hu use mere aazad rahne se jyada mere peeda me rahnese adhiklaabh mile. - बाल गंगाधर तिलक

भूविज्ञानी पृथ्वी का इतिहास वहां से उठाते हैं जहाँ से पुरातत्वविद् इसे छोड़ देते हैं, और उसे और भी पुरातनता में ले जाते हैं - bhoo-vigyani prithvi ka itihaas wahan se uthaate hain jahan se puratatva-vid use chhod dete hain aur use bhi puratanta meinle jaate hain. : बाल गंगाधर तिलक

भूविज्ञानी पृथ्वी का इतिहास वहां से उठाते हैं जहाँ से पुरातत्वविद् इसे छोड़ देते हैं, और उसे और भी पुरातनता में ले जाते हैं। : Bhoo-vigyani prithvi ka itihaas wahan se uthaate hain jahan se puratatva-vid use chhod dete hain aur use bhi puratanta meinle jaate hain. - बाल गंगाधर तिलक

मानव प्रकृति ही ऐसी है की हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते। उत्सव प्रिय होना मानव स्वाभाव है। हमारे त्यौहार होने ही चाहियें - manav ki prakriti hi esi hai ki hum bina utsavo ke rah nahi sakte. utsav pri hona manav swabhav hai. hamare tyauhar hone hi chahiye. : बाल गंगाधर तिलक

मानव प्रकृति ही ऐसी है की हम बिना उत्सवों के नहीं रह सकते। उत्सव प्रिय होना मानव स्वाभाव है। हमारे त्यौहार होने ही चाहियें। : Manav ki prakriti hi esi hai ki hum bina utsavo ke rah nahi sakte. utsav pri hona manav swabhav hai. hamare tyauhar hone hi chahiye. - बाल गंगाधर तिलक

आप कठिनाइयों, खतरों और असफलताओं के भय से बचने का प्रयत्न मत कीजिये। वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग मे आनी ही हैं - aap kathinaaiyon, khatro aur asafaltaon ke bhay se bachne ka prayatna mat keejiye. ve to nishchit roopse aapke maarg me aani hi hai. : बाल गंगाधर तिलक

आप कठिनाइयों, खतरों और असफलताओं के भय से बचने का प्रयत्न मत कीजिये। वे तो निश्चित रूप से आपके मार्ग मे आनी ही हैं। : Aap kathinaaiyon, khatro aur asafaltaon ke bhay se bachne ka prayatna mat keejiye. ve to nishchit roopse aapke maarg me aani hi hai. - बाल गंगाधर तिलक